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सारांश – घर में रोज़ इस्तेमाल होने वाले पानी का दोबारा सही तरीके से उपयोग करके बिना बड़े ख़र्च के पानी की बचत करें और बारिश के पानी को सुरक्षित स्टोर कर भविष्य के लिए संजोएँ।
आरओ से निकला रिजेक्ट पानी, वॉशिंग मशीन का झाग वाला पानी, सब्ज़ी धोने के बाद का पानी। यह सब सीधे नाली में चला जाता है। जबकि सबसे स्मार्ट पानी बचाने के तरीके वही हैं जिनमें एक ही पानी से दो काम निकल जाएं। आइए जानते हैं कि बिना बड़े ख़र्च के यह घर पर कैसे होता है।
पानी का पुनर्प्रयोग कैसे करें?
इस्तेमाल हो चुके साफ़-सुथरे पानी को नाली में बहाने की जगह उन कामों में लगाइए जहां पीने लायक पानी की ज़रूरत नहीं है। जैसे पौधों की सिंचाई, पोछा, गाड़ी धोना और टॉयलेट फ़्लश। इसके लिए न महंगा सिस्टम चाहिए, न प्लंबर। बस एक बाल्टी, थोड़ी आदत और सही जानकारी।
ग्रे वाटर रीसायक्लिंग क्या है?
नहाने, कपड़े धोने, हाथ धोने और रसोई के सिंक से निकला पानी ग्रे वाटर कहलाता है। यह मैला दिखता है, पर टॉयलेट के पानी (ब्लैक वाटर) जितना ख़तरनाक नहीं होता। इसी पानी को समझदारी से दोबारा काम में लेना ग्रे वाटर रीसायक्लिंग है।
सरकार भी इसे गंभीरता से लेती है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फ़ेज़ 2 का एक बड़ा लक्ष्य है कि कम से कम 80 प्रतिशत घर अपने गंदे पानी का सही प्रबंधन करें। जल शक्ति मंत्रालय की ग्रे वाटर टूलकिट के मुताबिक, ट्रीट किया गया ग्रे वाटर बागवानी, सिंचाई, टॉयलेट फ़्लशिंग और गाड़ी धोने में इस्तेमाल हो सकता है।
घर पर पानी रीसायकल करने के 6 आसान तरीके
अच्छी ख़बर यह है कि इनमें से ज़्यादातर पानी बचाने के तरीके आज से ही, बिना किसी ख़र्च के शुरू हो सकते हैं।
1. आरओ का रिजेक्ट पानी: आरओ शुद्ध पानी के साथ कुछ पानी रिजेक्ट भी करता है। रिजेक्ट पाइप के नीचे बाल्टी रखिए। यह पानी पोछे, गाड़ी धोने और फ़्लश के लिए एकदम ठीक है।
ध्यान रखें: आरओ का रिजेक्ट पानी पीने, खाना बनाने या संवेदनशील पौधों में इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसमें घुले हुए नमक और खनिजों (TDS) की मात्रा अधिक हो सकती है।
2. सब्ज़ी और चावल धोने का पानी: इसमें साबुन नहीं होता। सीधे गमलों और क्यारियों में डालिए। पौधों को हल्का पोषण भी मिल जाता है।
3. वॉशिंग मशीन का आख़िरी पानी: आख़िरी रिंस के पानी में डिटर्जेंट बहुत कम रह जाता है। इसे फ़र्श धोने या फ़्लश के लिए भर लीजिए।
4. एयर कंडीशनर का पानी: एयर कंडीशनर से निकला पानी कम खनिज वाला होता है। पौधों, कूलर या इस्त्री में काम लीजिए। पीने में कभी नहीं।
5. गीज़र से पहले का ठंडा पानी: गर्म पानी आने तक जो ठंडा पानी बहता है, उसे बाल्टी में जमा कीजिए। यह तो पूरी तरह साफ़ है।
6. बारिश का पानी: छत का पानी सबसे बड़ा ख़ज़ाना है। इस पर आगे विस्तार से बात करते हैं।
पुनर्प्रयोग में किन बातों का ध्यान रखें?
तीन नियम याद रखिए। पहला, ग्रे वाटर को ज़्यादा देर जमा न रहने दें, वरना बदबू और मच्छर पनपते हैं। उसी दिन इस्तेमाल कर लें।
दूसरा, तेज़ केमिकल या ब्लीच वाला पानी पौधों में न डालें। तीसरा, टॉयलेट का पानी घर पर कभी रीसायकल न करें। और ग्रे वाटर चाहे कितना भी साफ़ दिखे, पीने या नहाने में इस्तेमाल नहीं होता।
बारिश का पानी: पुनर्प्रयोग का सबसे बड़ा मौका
पानी बचाने के तरीके गिनें तो बारिश का पानी सबसे ऊपर आता है। हिसाब आसान है: 1 मिमी बारिश 1 वर्ग मीटर छत पर क़रीब 1 लीटर पानी देती है। यानी एक अच्छी बारिश में सामान्य छत से हज़ारों लीटर पानी मिल सकता है। सही फ़िल्ट्रेशन और सुरक्षित स्टोरेज के साथ यह कई घरेलू कामों में महीनों उपयोगी रह सकता है।
यहां सही स्टोरेज सबसे ज़रूरी है। ज़मीन के नीचे स्टोरेज के लिए सिंटेक्स के अंडरग्राउंड वाटर टैंक (सम्प) भरोसेमंद विकल्प हैं। एक ही सांचे में ढला वन-पीस डिज़ाइन, कोई जोड़ नहीं, इसलिए लीकेज का डर नहीं। ये मिट्टी का दबाव झेलने के लिए बने हैं और फ़ूड-ग्रेड वर्जिन प्लास्टिक पानी की क्वालिटी बनाए रखता है। मज़बूत SMC ढक्कन धूल और कीड़ों को बाहर रखता है।
टैंक भर जाए तो ओवरफ़्लो को सोख्ता गड्ढे या रिचार्ज पिट से जोड़ दें। बचा पानी ज़मीन में जाकर भूजल बढ़ाता है। छत पर स्टोरेज करना हो तो सिंटेक्स प्योर+ जैसी एंटीमाइक्रोबियल टंकी पानी को लंबे समय तक साफ़ रखती है।
छोटी आदतें, बड़ी बचत
पुनर्प्रयोग के साथ कुछ आसान पानी बचाने के तरीके और जोड़ लीजिए। टपकते नल तुरंत ठीक कराएं। वॉशिंग मशीन फुल लोड पर चलाएं। शॉवर की जगह बाल्टी अपनाएं। और टंकी में फ़्लोट वाल्व या ओवरफ़्लो अलार्म लगवाएं ताकि छत पर पानी बहता न रहे।
एक तुलना करके देखिए। जल जीवन मिशन गांवों में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के मानक पर पानी पहुंचाता है। अपने घर की रोज़ की खपत इससे मिलाइए, बचत की गुंजाइश ख़ुद दिख जाएगी।
आख़िरी बात
पानी का पुनर्प्रयोग कोई झंझट नहीं, सिर्फ़ नज़रिया है। जो पानी कल नाली में जाता था, वही आज आपके पौधे सींच सकता है और गाड़ी चमका सकता है। एक बाल्टी से शुरुआत कीजिए, आदत अपने आप बन जाएगी.
यह आपके परिवार के आकार और रोज़ाना पानी की खपत पर निर्भर करता है। सामान्यतः 500 से 1,000 लीटर की अलग टंकी ग्रे वाटर या बारिश का पानी स्टोर करने के लिए छोटे और मध्यम परिवारों के लिए पर्याप्त होती है। यदि पानी का उपयोग बागवानी, फ़्लशिंग और सफ़ाई जैसे कई कामों में होना है, तो इससे बड़ी क्षमता वाली टंकी भी चुनी जा सकती है।
हाँ। रीसायकल किए गए पानी और पीने के पानी के लिए हमेशा अलग-अलग टंकियों का उपयोग करना चाहिए। इससे दोनों पानी आपस में नहीं मिलते और पीने के पानी की गुणवत्ता सुरक्षित बनी रहती है। अलग पाइपलाइन और स्पष्ट पहचान भी रखना बेहतर होता है।
बारिश के पानी को पहले फ़िल्टर करके साफ़ करना चाहिए और फिर उसे ढक्कन वाली, अच्छी गुणवत्ता की स्टोरेज टंकी में संग्रहित करना चाहिए। टंकी की नियमित सफ़ाई, धूल और कीड़ों से सुरक्षा तथा ओवरफ़्लो को रिचार्ज पिट से जोड़ने जैसी व्यवस्थाएँ पानी को लंबे समय तक उपयोग योग्य बनाए रखने में मदद करती हैं।
बचत आपके परिवार की पानी की खपत और पुनर्प्रयोग की आदतों पर निर्भर करती है। यदि आरओ का रिजेक्ट पानी, वॉशिंग मशीन का आख़िरी रिंस, एयर कंडीशनर का पानी और बारिश का पानी नियमित रूप से दोबारा इस्तेमाल किया जाए, तो हर महीने सैकड़ों से लेकर हज़ारों लीटर तक पानी बचाया जा सकता है। इससे पानी के बिल और मोटर चलाने में होने वाली बिजली की लागत में भी कमी आ सकती है।